1994 में पचास विद्यार्थियों से शुरू हुआ वीर पट्टा आज आमेट और आस-पास के गाँवों के 500 से अधिक बच्चों को पढ़ाता है।
नियम स्पष्ट हैं, पर बच्चे को डर से नहीं, समझ से सिखाया जाता है।
अंक वही जो बच्चे ने अर्जित किए। कोई शॉर्टकट नहीं।
एनसीसी, स्वच्छता अभियान और सामुदायिक कार्य हर सत्र में।
प्रयोगशाला, क्लब और मंच — पूछने और बनाने की जगह।